चातुर्मास: आत्म जागरण, संयम और आध्यात्मिक साधना का पर्व
वीरेन्द्र कुमार जैन भारतीय संस्कृति में चातुर्मास आत्मिक उन्नति, संयम, साधना और जीवन में परिवर्तन का विशेष काल माना जाता है। यह आषाढ़ शुक्ल एकादशी से कार्तिक शुक्ल एकादशी तक लगभग चार महीनों की अवधि होती है। इस दौरान वर्षा ऋतु के कारण साधु-संत एक स्थान पर रहकर धर्म, तप, स्वाध्याय और आध्यात्मिक साधना करते … Read more