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अन्याय और अत्याचार के खिलाफ पत्रकारों को निरंतर संघर्ष करना होगा : डॉ. पार्थ चटर्जी

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शिलचर, 2 दिसंबर। “अदम्य इच्छा, मजबूत मनोबल, सत्यनिष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ जीवन के रास्ते पर आगे बढ़ें—तब कोई बाधा आपको रोक नहीं सकती।” यह মন্তব্য प्रख्यात वरिष्ठ पत्रकार, विश्वविख्यात लेखक एवं समाजचिंतक डॉ. पार्थ चटर्जी ने शिलचर प्रेस क्लब में आयोजित ‘आज के अतिथि’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर किया।
अपने संबोधन में उन्होंने पत्रकारिता, समाज और राष्ट्र के विभिन्न समसामयिक एवं महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। डॉ. चटर्जी ने कहा कि समाज में अन्याय, असत्य और अत्याचार के विरुद्ध पत्रकारों को अपनी जिम्मेदार और निडर भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सत्य के प्रति अटल रहने और जनहित को सर्वोपरि मानने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में कोलकाता के कवि–लेखक समरेंद्रनाथ गंगोपाध्याय, कवि–पत्रकार अतीन दास, प्रेस क्लब के सामान्य संपादक शंकर दे, कवि शतदल आचार्य, कवि–लेखिका मीता पुरकायस्थ, शिक्षक सुदीप दास, कवि–लेखिका कस्तूरी हेमचौधरी, कवयित्री स्मृति पाल नाथ, कवयित्री देवलीना राय, कलाकार श्रावणी सरकार, प्रकाशन संस्था के विश्वजीत धर सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रेस क्लब के उपाध्यक्ष रितेन भट्टाचार्य ने की।
‘प्राण भरिए तृषा हरिए’ गीत की पंक्तियों पर आधारित उद्घाटनात्मक रविन्द्र संगीत कलाकार शांतिकुमार भट्टाचार्य ने अपनी उदात्त वाणी में प्रस्तुत किया, जिसने पूरे वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
इस अवसर पर शिलचर प्रेस क्लब की ओर से डॉ. पार्थ चटर्जी को सम्मान-समारोह में विशेष सम्मान प्रदान किया गया।

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