दिलीप कुमार पाल ने झूठा हलफनामा प्रस्तुत कर चुनाव आयोग को धोखा दिया- भाजपा

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दिलीप पाल का अतित अपराधी भाजपा नामांकन रद्द करने के लिए चुनाव आयोग को करेगी अपिल

शिलचर, 27 मार्च: दिलीप कुमार पाल के खिलाफ खाने में मिलावट का मामला दर्ज किया गया था। उन्होंने 2014 और 2016 के चुनावों में आयोग को सौंपे गए हलफनामे में इस मामले का उल्लेख नहीं किया जबकि मामला लंबित था। उन्होंने चुनाव आयोग को झूठे शपथ पत्र के साथ चुनाव लड़ा। चुनाव आयोग को यह सूचना पेश करके उनकी उम्मीदवारी रद्द करने के लिए कहा जाएगा। मीडिया संयोजक अभ्रजीत चक्रवर्ती ने शनिवार को शिलचर में भाजपा कार्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में यह आरोप लगाया। इस दिन भाजपा नेतृत्व ने शिलचर से एक निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप कुमार पाल के झूठ की कई कहानियाँ प्रस्तुत कीं।

काछार जिला भाजपा चुनाव संचालन समिति के अध्यक्ष नित्य भूषण डे ने कहा, काछाड़ में सात विधानसभा सीटों पर कांग्रेस-एआईयूडीएफ महागठबंधन के उम्मीदवार को हराया जाएगा। भाजपा के उम्मीदवार भारी अंतर से जीतेंगे। कांग्रेस ने सांप्रदायिक पार्टी AIUDF के साथ गठबंधन किया है। इसका परिणाम कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा। शिलचर के लोगों ने AIUDF को खारिज कर दिया है। कांग्रेस ने 70 साल देश पर शासन किया है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शौचालय का निर्माण करना पड़ा। अपने लंबे शासन से, कांग्रेस ने कई वादे किए, लेकिन उन्हें बरकरार नहीं रखा। और आज कांग्रेस गारंटी दे रही है। बाजार में ट्रेडिंग की गारंटी दी जाती है। उन्होंने कहा कि भाजपा उम्मीदवारों को हर जगह समर्थन मिल रहा है।

नित्य भूषण ने कहा कि शिलचर से भाजपा प्रत्याशी दीपायन चक्रवर्ती ने कोरोना महामारी के दौरान लोगों के लिए काम किया था। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री, मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह ने लोगों की ओर से काम किया है। तब सुष्मिता देव नजर नहीं आई थीं। कांग्रेस AIUDF के नेता नजर नहीं आए। सांसद डॉ राजदीप रॉय ने रात 12 बजे तक काम किया। कांग्रेसी व्यापारी कोरोना वायरस के दौरान काम नहीं करता था। अब तमाल कांति बानिक का कहना है कि वह नाला नर्दामा के साथ बहुत काम करेंगे। लेकिन पूर्व में उन्होंने वार्ड कमिश्नर रहते हुए कुछ नहीं किया।

थोइबा सिंह ने लखीपुर में भाजपा छोड़ दी। वह गुवाहाटी में रहते थे। कौशिक राय को मौजूदा मणिपुरी भावना लाने के लिए एक बाहरी व्यक्ति कहा है। वास्तव में, वह वही कौशिक राय हैं जो लखीपुर में भारी अंतर से जीतेंगे। दिलीप कुमार पाल ने 37 साल तक बीजेपी के बारे में जो कहा है, वह निराधार है। मैं उनसे ’98 में मिला था। वह वार्ड समिति के अध्यक्ष थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए उन्हें पहले भी एक बार बर्खास्त कर दिया गया था। उन्होंने कविंद्र पुरकायस्थ और बिमलंगशु रॉय को विभाजित करने की कोशिश की। उन्हें एक बार फिर टीम से बर्खास्त कर दिया गया।

भारतीय जनता पार्टी के कछार जिला चुनाव प्रबंधन समिति के चेयरमैन नित्य भूषण दे ने कांग्रेस तथा एआईयुडीएफ के हर प्रार्थी के अतित पर कहा कि सिर्फ चुनाव लङने आते हैं बाकी समय में ना तो जनता से कुछ लेना देना होता है.लेकिन हमारे सभी प्रत्याशी जमीनी स्तर के है जो हमेशा जनसेवा करते हैं.सातों उम्मीदवार जीतेंगे तथा असम में हमारी सरकार बनेगी.

भाजपा से निष्कासित निर्दलीय उम्मीदवार दिलीप कुमार पाल असम भाजपा को रोज निशाना बनाकर दावा करते हैं सिंडिकेट की सर्जिकल स्ट्राइक होगी.इस पर आज खुलकर सारा इतिहास रखा कि किस तरह हम इस व्यक्ति को झेलते रहे तथा दो बार नगर पालिका दो बार विधायक बनाया. विधानसभा का उपाध्यक्ष भी बनाया लेकिन टिकट नहीं मिलने पर निर्दलीय उम्मीदवार बनकर अनाप सनाब दोष लगा रहे हैं.

सोसल मिडिया के झलक चक्रवर्ती ने कहा कि दिलीप कुमार पाल पर 2004 में अपराधिक मामला दर्ज किया गया. देशी घी में डालडा मिलावट से बहुत लोग बिमार हो गये.प्रश्नोत्तर में कहा कि हम भाजपा से भी छुपाया लेकिन अब हम नामांकन रद्द करने के लिए चुनाव आयोग को शिकायत करेंगे क्योंकि यह अपराध है कि नामांकन के समय छुपाया गया.

एक महिला तथा तीन किशोर लङकों को मिडिया के सामने पेश किया गया कि दिलीप पाल के लोगों ने उन्हें प्रलोभन दिया तथा मारपीट की. पत्रकार वार्ता में अध्यक्ष बिमलेंदू राय, मिडिया प्रभारी देवाशीष सोम तथा दीपेन दिवानजी भी उपस्थित थे.

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