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दिल्ली-UP-हरियाणा समेत इन राज्यों में हीटवेव का रेड अलर्ट, दक्षिण में भारी बारिश का रेड अलर्ट

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नई दिल्ली. देश के कई राज्यों में भीषण गर्मी पड़ रही है. दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में तापमान रोज का रोज बढ़ रहा है. दिन में लू चलने से हर कोई परेशान है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग ने बढ़ते तापमान और लू के चलते उत्तर भारत के कई राज्यों में ‘रेड अलर्ट’ जारी किया है. मौसम विभाग ने कहा कि इसी सप्ताह उत्तर भारत के राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में अधिकतम तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है.
वहीं सुदूर दक्षिणी राज्य केरल में मूसलाधार बारिश को लेकर दो जिलों में रेड और नौ जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है। केरल के रेड अलर्ट वाले जिलों में 20 सेमी तक वर्षा दर्ज की गई है। तमिलनाडु के कोयंबटूर के अलावा, कन्याकुमारी और शिवगंगा जिले में भी 12 से 14 सेमी तक बारिश रिकॉर्ड की गई है। मौसम विज्ञान विभाग ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश, दिल्ली, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा के ज्यादातर क्षेत्रों में दिन के समय अधिकतम तापमान 47 डिग्री सेल्सियस या ऊपर रहने का अनुमान जताया है। वहीं जम्मू संभाग में सातवें दिन पारा 40.0 डिग्री रहा।  

राजधानी दिल्ली में बुधवार को अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह इस सीजन के औसत से तीन डिग्री अधिक है. आईएमडी ने कहा कि भीषण गर्मी और लू के चलते दिल्ली में रेड अलर्ट जारी किया गया है. साथ ही बताया कि गुरुवार को आसमान साफ रहेगा. कुछ स्थानों पर लू चलेगी. दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में 25-35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं.

मौसम विभाग ने दिल्ली में अगले सात दिनों तक भीषण लू चलने का अनुमान जताया है. इन दिनों अधिकतम तापमान 44 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. सात दिनों के पूर्वानुमान में, गुरुवार से शनिवार तक रेड अलर्ट जारी किया गया है. लू के कारण कमजोर लोगों के लिए अत्यधिक देखभाल रखने की सलाह दी गई है. दिन में घर से बाहर निकलने से पहले शरीर को पूरी तरह से ढक कर निकलने की सलाह दी गई है.

जम्मू संभाग में बुधवार को सातवें दिन भी पारा 40 डिग्री के पार रहा। एक हफ्ते से लगातार भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित है। हिमाचल में बारिश और बर्फबारी कम होने और बढ़ते तापमान के चलते ज्यादातर जल स्रोत सूख रहे हैं और 478 पेयजल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं। जल संसाधनों में 75 फीसदी तक पानी की कमी हो गई और कोई दूसरा वैकल्पिक स्रोत भी नहीं है। सोलन समेत कई जिलों में तीन से चार दिन में पानी की आपूर्ति की जा रही है।

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