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पार्थ प्रीतम दुवरा सब डिविजन पुलिस ऑफिसर लखीपुर, डिविजन, कछार असम (एसडीपीओ) ने पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय कछार में एस.पी.सी (स्टुडेंट पुलिस कैडेट) एवं एनसीसी (राष्ट्रीय कैडेट कोर) को ऑफिसर बनने का दिया मंत्र : नवोदय के बच्चों से सुना उनके मन की बात , कहा – परिश्रम का कोई विकल्प नहीं।

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10 जुलाई 2024 लखीपुर काछाड़  को पार्थ प्रीतम दुवरा सब डिविजन पुलिस ऑफिसर लखीपुर, डिविजन, कछार असम (एसडीपीओ) ने जवाहर नवोदय विद्यालय कछार में एस.पी.सी (स्टुडेंट पुलिस कैडेट) एवं एनसीसी कैडेट्स के साथ एक मुलाकात की जवाहर नवोदय विद्यालय कछार के निमंत्रण पर श्री दुवरा विद्यालय में कैडेट के लिए आयोजित “घरेलू हिंसा निरोध एवं   बढ़ते समाजिक अपराध रोकना “ विषय पर जागरूकता के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे थे। विद्यालय के प्राचार्य श्री विश्वास कुमार ने एसडीपीओ महोदय का भव्य स्वागत किया और पारम्परिक असमी झापी और गमछा देकर उनका स्वागत किया । हिंदी राजभाषा विभाग के प्रभारी एवं एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर श्री विकाश कुमार उपाध्याय ने हिंदी की पुस्तक “सफ़ल जीवन का रहस्य” दे कर स्वागत किया। कार्यक्रम का प्रारम्भ विद्यालय के प्राचार्य श्री विश्वास कुमार ने स्वगत अभिभाषण से किया। उन्होंने विद्यालय की पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय कछार के उपलब्धियों से मुख्य अतिथि महोदय को अवगत कराया और कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आभार भी प्रकट किया। तत्पचात एसडीपीओ पार्थ प्रीतम दुवरा ने नवोदय विद्यालय के केडेट्स से अपने प्रतियोगिता के संघर्ष से परिचित कराया और बताया कि कुल सात प्रयास के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में आने का मौका मिला। उन्होंने एक बच्चें रुद्र नारायण के सवालों का जबाव देते हुए बताया कि परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है लक्ष्य की ओर केंद्रित लगातार परिश्रम सफ़लता दिलाती ही है। आगे श्री दुवरा ने बताया कि घरेलू हिंसा को रोकने का सबसे सरल तरीका है शिक्षा, रोजगार और जागरूकता जिस समाज में लोग शिक्षित होते हैं उस समाज में इस प्रकार के अपराध कम रिकॉर्ड किया गया है। फिर उन्होंने बच्चों से उनके मन की बात सुनी और पूछा कि बड़ा होके क्या बनना चाहते हैं ज्यादातर बच्चों ने आईपीएस अफसर बनने की इच्छा जताई। कुछ ने आर्मी ऑफिसर भी बनने की इच्छा व्यक्त की। श्री दुवारा अपने विद्यालयी जीवन में खुद एक एनसीपी कैडेट थे। उन्होंने सभी से एनसीसी के आदर्श वाक्य को पूछा और उसका व्यवहारिक व्याख्या भी किया। अंत उन्होंने जय हिन्द कह कर अपने बातों को विराम दिया । प्राचार्य जी ने श्री दुवरा के विनम्रता की प्रशंसा की । इस अवसर पर विद्यालय सभी एनसीसी कैडेट्स और शिक्षक मौजूद थे।

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