बराक-ब्रह्मपुत्र नहीं असम-असम होना चाहिए: मुख्यमंत्री

2 दिन के शिलचर सफर में काछाड़ को बहुत कुछ दे गए मुख्यमंत्री

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बराक-ब्रह्मपुत्र नहीं असम-असम होना चाहिए: मुख्यमंत्री
बराक- बराक, ब्रह्मपुत्र-ब्रह्मपुत्र नहीं असम-असम होना चाहिए। 2 दिन के शिलचर प्रवास के उपरांत गुवाहाटी जाने से पूर्व पत्रकारों से बात करते हुए एक प्रश्न के उत्तर में असम के तेजस्वी मुख्यमंत्री डॉ हिमंत विश्व शर्मा ने उपरोक्त बात कही। उन्होंने कहा कि बराक और ब्रह्मपुत्र का भेद मिटाकर संपूर्ण असम को एकाकार करना है। बराक घाटी में ब्रह्मपुत्र के लोग काम करें, ब्रह्मपुत्र घाटी में बराक के लोग काम करें। इसलिए उन्होंने कुछ नियम बनाया है।
उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक भवन तीर्थ पर जाकर उन्होंने मोहन बाबा के दर्शन पूजन किया और 1 तीर्थ के विकास के लिए ₹10 करोड़ रुपया पहले ही मंजूर किया है। धोलाई होकर मोहन तीर्थ जाने के लिए रास्ता निर्माण हेतु बजट बनाने का निर्देश दिया है। दिमासा साम्राज्य की राजधानी खासपुर को कला क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना बनाई जाएगी।
शिलचर मेडिकल कॉलेज में जरूरी सुविधाओं के लिए योजना बनाई जा रही है। कैथ लैब, कैंसर हॉस्पिटल, 500 बेड का सुविधा सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हो, इसकी व्यवस्था की जाएगी। शिलचर का जिलाधिकारी कार्यालय नया बनाया जाएगा, इंटीग्रेटेड डीसी ऑफिस के लिए ₹50 करोड़ रुपए सैंक्शन किया जाएगा।
शिलचर में जगह का अभाव है, इसलिए जेल और सर्किट हाउस अलग स्थान पर निर्माण किया जाएगा और शिलचर में जगह खाली करना है। शिलचर का रास्ता 20 फुट का रहे, इसके लिए जहां जहां जरूरत है, वहां जमीन अधिग्रहण किया जाएगा। रंगिरखारी में फ्लाईओवर के लिए योजना बनाने का निर्देश दिया गया है, शिलचर में ड्रेनेज सिस्टम भी किया जाएगा। शिलचर और डिब्रूगढ़ को कोऑपरेशन बनाने के लिए प्रस्ताव मिला है।मिनी सचिवालय के लिए 160 करोड रुपए स्वीकृत किए गए हैं। रिंग रोड बाईपास को पूजा से पहले तैयार करने का निर्देश दिया गया है।
पांचग्राम पेपर मिल के बारे में अच्छी बातचीत चल रही है, जल्दी ही समाधान हो जाएगा। एयरपोर्ट के लिए कौन सी जमीन होगी इसके बारे में अभी चर्चा चल रही है। मिजोरम बॉर्डर पर परिस्थिति सामान्य है। नवंबर के बाद कोई अतिक्रमण नहीं हुआ है। हमें अपनी भूमि की रक्षा करना है किंतु यह कोई भारत पाकिस्तान का बॉर्डर नहीं है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय में क्या बात हुई पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि मैं एक स्वयंसेवक के नाते कार्यालय में लोगों से मिलने गया था, वहां कोई राजनीतिक चर्चा नहीं हुई। गोरक्षा बिल राज्यपाल के पास है उनकी स्वीकृति मिलते ही कानून बन जाएगा।
नागालैंड में पूरी तरह से परिस्थिति नियंत्रण में है बातचीत चल रही है।
कोविड-19 तीसरी लहर के लिए असम सरकार पूरी तरह से तैयार है लेकिन जिस प्रकार से वैक्सीनेशन चल रहा है, उससे लगता है कि थर्डवेव का उतना असर नहीं होगा। हमारा लक्ष्य है वैक्सीन का फर्स्ट डोज सभी नागरिकों को दिया जाए। पिछला 17 सितंबर को असम में सर्वाधिक काछाड़ जिले में 58000 वैक्सीन लगाई गई। स्कूल कॉलेज खुल गया, धीरे धीरे सब कुछ खुलेगा। सिनेमा हाल भी खुलेगा, कलाकारों से अनुरोध है कि लोगों को वैक्सीन लेने के लिए जागरूक करें।
पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री परिमल शुक्लवैद, शिलचर के सांसद डॉक्टर राजदीप रॉय, तेजपुर के सांसद पल्लव लोचन दास, लखीपुर के विधायक कौशिक राय तथा शिलचर के विधायक दीपायन चक्रवर्ती भी उपस्थित थे।

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