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बीटीसी बजट सत्र संपन्न : 843 करोड़ रुपये का बजट पारित, ‘वाइब्रेंट बीटीआर मिशन’ पर फोकस

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कोकराझार, 24 अप्रैल: बोडोलैंड प्रादेशिक परिषद (बीटीसी) की विधान सभा का दो दिवसीय बजट सत्र बुधवार को संपन्न हो गया, जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 843 करोड़ रुपये के सामान्य बजट को सर्वसम्मति से पारित किया गया। यह बजट बीटीसी के मुख्य कार्यकारी सदस्य और वित्त प्रभारी प्रमोद बोरो ने मंगलवार को सदन में प्रस्तुत किया था।

बजट ‘वाइब्रेंट बीटीआर मिशन: संघर्ष से निर्माण 2025-26’ थीम पर आधारित था, जिसमें क्षेत्रीय विकास, सुशासन और सामाजिक समरसता को प्राथमिकता दी गई है। प्रमोद बोरो ने अपने संबोधन में कहा, “यह बजट हमारे मिशन का प्रतिबिंब है, जिसमें जरूरत-आधारित परिसंपत्तियों के निर्माण और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी गई है। हमारा लक्ष्य एक जीवंत, समावेशी और सतत बीटीआर का निर्माण है।”

एसओपीडी योजनाओं से मिलेगा अतिरिक्त सहयोग

सामान्य बजट के अलावा, बीटीसी को राज्य की स्वामित्व वाली प्राथमिकता विकास (State-Owned Priority Development – SOPD) योजनाओं के अंतर्गत विशेष आवंटन का भी लाभ मिलेगा, जिससे बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका से जुड़े क्षेत्रों में ठोस प्रगति की उम्मीद है।

विपक्ष ने उठाए सवाल

हालांकि परिषद के नेतृत्व द्वारा बजट को जन-केंद्रित बताया गया, विपक्ष ने इसमें आम जनता की दैनिक समस्याओं और जनकल्याण से जुड़े मुद्दों को समुचित रूप से न उठाए जाने को लेकर असंतोष व्यक्त किया। विपक्षी सदस्यों का कहना था कि यह बजट ज़मीन से जुड़े विषयों पर अपेक्षित ध्यान नहीं देता।

विकास का खाका तय

सत्र का समापन बजट पर विस्तृत चर्चा और उसकी स्वीकृति के साथ हुआ। इसके साथ ही बीटीसी ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए विकास की दिशा और प्राथमिकताओं का स्पष्ट खाका प्रस्तुत किया है।

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