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ब्रह्मपुत्र नद उफान पर, काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान में घुसा पानी, वन्य प्राणी संकट में

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काजीरंगा (असम), 17 जुलाई (हि.स.)। ब्रह्मपुत्र नद का जलस्तर तीन फीट तक बढ़ जाने से काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान के वन्य प्राणियों का जीवन संकट में पड़ गया है। यहां के उत्तर-दक्षिण दोनों तटों से बाढ़ का पानी उद्यान में प्रवेश कर गया है।
राष्ट्रीय उद्यान प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान और टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र में लगभग 58 वन शिविर जलमग्न हो गए हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पानी 26 वन शिविरों वाले अगरातली वन क्षेत्र में भर गया है।
इसके अलावा बोकाखात वन क्षेत्र में पांच, कहंरा में सात, बागड़ी में छह, उत्तरी तट पर छह, बूढ़ा पहाड़ जंगल में छह और नगांव वन्य जीव प्रभाग में दो वन शिविर जलमग्न हो गए हैं। तमाम जंगली जानवरों ने उद्यान के ऊंचे इलाकों में शरण ले रखी है।
कुछ हिरणों ने राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 37 को पार कर के कार्बी पहाड़ियों में प्रवेश किया है। प्राधिकरण ने उत्तरी तट पर बाढ़ के कारण निकले हिरणों पर कुत्तों के हमले को देखते हुए एहतियाती कदम उठाए हैं।काजीरंगा में राष्ट्रीय राजमार्ग 37 पर सेंसर कैमरों से निगरानी की जा रही है।

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