भूख ने कंकाल बना दिया, बच्चे को, देख दहल उठी पूरी दुनिया

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नई दिल्ली. एक 7 साल के लड़के की कंकाल जैसी तस्वीर सामने आई है. भूखे रहने की वजह से इस लड़के की ये दशा हो गई, कि इस शरीर कंकाल जैसा दिखाई देने लगा. ये लड़का यमन का रहने वाले है इसका नाम फैयद समीम है. समीम पैरालाइसिस और बुरी तरह कुपोषण के शिकार हो गया, जिसकी वजह से ये केवल 7 किलो का है. सूत्रों से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, समीम की हालत बेहद खराब हो गई थी और मुश्किल से ही उसकी जान बच पाई. अब उसे यमन की राजधानी सना के एक हॉस्पिटल में लाया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है. ऐसे में अल शबीन हॉस्पिटल के कुपोषण वार्ड के सुपरवाइजर डॉक्टर रागेह मोहम्मद ने कहा कि जब समीम को यहां लाया गया तो उसकी जान लगभग जाने ही वाली थी. लेकिन अल्लाह का शुक्र है कि हमने उचित कदम उठाकर उसे बचा लिया. अब उसकी तबीयत बेहतर हो रही है. समीम के स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टर ने बताया कि समीम सेरब्रल पॉल्जी और गंभीर कुपोषण का शिकार है. यमन की राजधानी सना के हॉस्पिटल में समीम को भर्ती कराने के लिए समीम के परिवार को टूटी हुई सड़क और विभिन्न चेकप्वाइंट को पार करते हुए 170 किमी का सफर तय करना पड़ा. देश में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ रही कंकाल जैसे शरीर वाले समीम के इलाज के लिए उसके परिवार के पास पैसे भी नहीं हैं. परिवार इलाज के लिए डोनेशन पर निर्भर है. ऐसे में स्थानीय हॉस्पिटल के डॉक्टर का कहना है कि देश में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ रही है. इस बारे में संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि यमन दुनिया में सबसे बड़े मानवीय संकट का सामना कर रहा है. यमन में आधिकारिक तौर से अकाल घोषित नहीं किया गया है. हालांकि 6 साल के युद्ध के बाद देश की 80 प्रतिशत आबादी मदद के भरोसे जी रही है.

नई दिल्ली. एक 7 साल के लड़के की कंकाल जैसी तस्वीर सामने आई है. भूखे रहने की वजह से इस लड़के की ये दशा हो गई, कि इस शरीर कंकाल जैसा दिखाई देने लगा. ये लड़का यमन का रहने वाले है इसका नाम फैयद समीम है. समीम पैरालाइसिस और बुरी तरह कुपोषण के शिकार हो गया, जिसकी वजह से ये केवल 7 किलो का है.

सूत्रों से सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, समीम की हालत बेहद खराब हो गई थी और मुश्किल से ही उसकी जान बच पाई. अब उसे यमन की राजधानी सना के एक हॉस्पिटल में लाया गया है जहां उसका इलाज चल रहा है. ऐसे में अल शबीन हॉस्पिटल के कुपोषण वार्ड के सुपरवाइजर डॉक्टर रागेह मोहम्मद ने कहा कि जब समीम को यहां लाया गया तो उसकी जान लगभग जाने ही वाली थी. लेकिन अल्लाह का शुक्र है कि हमने उचित कदम उठाकर उसे बचा लिया. अब उसकी तबीयत बेहतर हो रही है.

समीम के स्वास्थ्य के बारे में डॉक्टर ने बताया कि समीम सेरब्रल पॉल्जी और गंभीर कुपोषण का शिकार है. यमन की राजधानी सना के हॉस्पिटल में समीम को भर्ती कराने के लिए समीम के परिवार को टूटी हुई सड़क और विभिन्न चेकप्वाइंट को पार करते हुए 170 किमी का सफर तय करना पड़ा.

देश में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ रही

कंकाल जैसे शरीर वाले समीम के इलाज के लिए उसके परिवार के पास पैसे भी नहीं हैं. परिवार इलाज के लिए डोनेशन पर निर्भर है. ऐसे में स्थानीय हॉस्पिटल के डॉक्टर का कहना है कि देश में कुपोषित बच्चों की संख्या बढ़ रही है. इस बारे में संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि यमन दुनिया में सबसे बड़े मानवीय संकट का सामना कर रहा है. यमन में आधिकारिक तौर से अकाल घोषित नहीं किया गया है. हालांकि 6 साल के युद्ध के बाद देश की 80 प्रतिशत आबादी मदद के भरोसे जी रही है.

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