मार्च 2022 में महासड़क का उद्घाटन करने फिर से शिलचर आऊंगा- नितिन गड़करी

अटल जी के मूर्ति का अनावरण तथा 27 प्रकल्पों का शिलान्यास एवं उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया

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मार्च 2022 में महासड़क का उद्घाटन करने फिर से शिलचर आऊंगा- नितिन गड़करी

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को कछार जिला के महासड़क के रंगपुर स्थित जीरो प्वाइंट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 13 फीट की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया।
भारत सरकार द्वारा 2366 करोड़ रुपए के 27 प्रकल्पों के शिलान्यास तथा पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई के मूर्ति के अनावरण हेतु शिलचर पहुंचे केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने एक सभा को संबोधित करते हुए ऐलान किया कि 2022 के मार्च में महासड़क का उद्घाटन करने शिलचर आऊंगा। उन्होंने कहा कि बराक नदी पर दो ब्रिज और मंजूर करता हूं किंतु इसके लिए शिलान्यास के समय मुख्यमंत्री के रूप में फिर से सर्बानंद सोनोवाल को देखना चाहता हूं।
सभा के शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ऑनलाइन किसानों को संबोधित किया और देश के विभिन्न भाग के किसानों के साथ बातचीत भी किया। आज उन्होंने 9 करोड़ से ज्यादा किसानों के खाते में सीधे 8 अट्ठारह हजार करोड़ पर की अनुदान राशि उपहार स्वरूप भेंट की। उन्होंने कहा कि अब रुपया ना घीसता है, ना किसी के जेब में जाता है, वह सीधा किसानों के खाते में जमा हो जाता है। अब तक एक लाख 10 हजार करोड़ रूपया किसानों तक पहुंच चुका है, कोई कमीशन नहीं, कोई हेराफेरी नहीं। दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन को उन्होंने विरोधियों का राजनीतिक स्वार्थ करार दिया और कहा कि यह लोग देश की अर्थनीति को बर्बाद करने पर तुले हैं। दिल्ली के लोगों को यह लोग परेशान कर रहे हैं। किसानों से इतनी हमदर्दी है तो बंगाल में आंदोलन क्यों नहीं करते, जहां भारत सरकार की सहायता बंगाल सरकार किसानों तक नहीं पहुंचने दे रही है। इन्हीं लोगों ने बंगाल को बर्बाद किया और ममता बनर्जी दिल्ली में इन्हीं लोगों के साथ गुपचुप कर रही हैं। केरल में इनकी सरकार है, वहां किसानों के हित में आंदोलन क्यों नहीं करते? पंजाब के किसानों को भड़का रहे हैं, झूठे आरोप लगा रहे हैं, अफवाह उड़ा कर किसानों को गुमराह करने का काम कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंचासीन अतिथियों ने दीप प्रज्वलन से किया। एनएचआईडीसीएल के डायरेक्टर पंकज सिंह और मैनेजर विनय कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया। शिलचर के सांसद डॉक्टर राजदीप राय ने अपने प्रास्ताविक वक्तव्य में स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के मूर्ति अनावरण के बारे में बताया कि इसमें किसी प्रकार का कोई सरकारी अनुदान नहीं है बल्कि आपस में 33 लाख रुपया संग्रह करके मूर्ति का निर्माण और यह कार्यक्रम किया गया है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की जमकर प्रशंसा की तथा उनसे अनुरोध किया कि महासड़क का काम यथा शीघ्र पूर्ण करवाएं। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रंजीत दास ने भी बराक घाटी की ओर से नितिन गडकरी से अनुरोध किया कि महासड़क का काम जल्द से जल्द पूरा करवाया जाए।
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने रिमोट से 20 प्रकल्पों का शिलान्यास किया तथा 7 को राष्ट्र को समर्पित किया। सुगम यातायात व्यवस्था, जिला मुख्यालयों की दूरी कम करना, नए पुलों का निर्माण करना, पुराने को सुदृढ़ करना, इन प्रकल्पों का उद्देश्य है।
असम के मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनवाल ने सभा को संबोधित करते हुए मूर्ति अनावरण के कार्यक्रम को प्रेरणादायक, अविस्मरणीय और ऐतिहासिक बताया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री गड़करी के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहां की इन्होंने पूर्वोत्तर को देश से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई प्रधानमंत्री के सहयोग से 27 प्रकल्प इन्होंने असम को उपहार दिया है। उन्होंने अनुरोध किया कि गुवाहाटी की तरह बराक घाटी में भी मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाया जाए। उन्होंने घोषणा किया कि मिनी सेक्रेटेरिएट का काम जल्दी ही शुरू होगा भवन बनने से पहले ही कई विभाग बराक घाटी में काम करना शुरू कर देंगे उन्होंने नमामि बराक का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे बराक घाटी की पहचान बढ़ी है। नितिन गडकरी से उन्होंने बराक नदी पर दो पुल और बनाने का अनुरोध किया।
भारत सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेई ने महाराष्ट्र में उनके काम को देखते हुए उन्हें प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना बनाने का निर्देश दिया था। उनके काम को देखते हुए उन्हें केंद्र में वही विभाग दिया गया जो स्वर्गीय अटल जी चाहते थे। कन्याकुमारी से कश्मीर तक और शीलचर से सौराष्ट्र तक महा सड़क चतुर्भुज योजना बनाने का काम मुझे मिला। अटल जी ने कहा था अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा। उन्होंने कहा कि आज जो सफलता मिली है, उसके पीछे असंख्या ज्ञात अज्ञात कार्यकर्ताओं का योगदान है। उन्होंने कहा कि अटल जी कहते थे, हमारा काम केवल सरकार बदलना नहीं, नव निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 में वह कहीं भी प्रत्यक्ष सभा में नहीं गए। यह पहली सभा है, इसके पहले उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से 280 सभाओं को संबोधित किया। मैं यहां शिलान्यास के लिए नहीं बल्कि स्वर्गीय अटल जी को हृदय से श्रद्धांजलि देने के लिए आया हूं। उन्होंने घोषणा किया कि मार्च 2022 में महासड़क का उद्घाटन करने आऊंगा। उन्होंने सिलचर में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क बनाने की भी घोषणा की। उन्होंने मुख्यमंत्री को जल परिवहन शुरू करने के लिए अनुरोध किया तथा कहा कि इसमें पूरी सहायता करेंगे। उन्होंने कहा कि गंगा, ब्रह्मपुत्र और बराक का ड्रेजिंग हो गया। गंगा सरोवर में जल परिवहन शुरू हो गया, यहां भी हो जाना चाहिए। इससे व्यापार बढ़ेगा, सड़क मार्ग से जहां ₹10 खर्च होता है, जलमार्ग से वहां ₹1 खर्च होगा। सभा के अंत में अटल बिहारी स्मारक समिति के सचिव और भाजपा के जिलाध्यक्ष कौशिक राय ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
मंचासीन अन्य अतिथियों में केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली, पूर्व केंद्रीय मंत्री कविंद्र पुरकायस्थ, असम के मंत्री परिमल शुक्लवैद, जिलाधिकारी श्रीमती कीर्ति जोली, असम के प्रभारी बैजयंत जय पांडा, सह प्रभारी पवन शर्मा, क्षेत्र संगठन मंत्री अजय जामवाल, करीमगंज के सांसद कृपानाथ माला, अटल बिहारी स्मारक समिति के चेयरमैन नित्य भूषण दे आदि उपस्थित थे। सभा का संचालन भाजपा के महासचिव कणाद पुरकायस्थ ने किया।
सभा के अंत में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शुक्रवार को कछार जिला के महासड़क के रंगपुर स्थित जीरो प्वाइंट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 13 फीट की कांस्य प्रतिमा का अनावरण किया।

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