विकास पुरुष आचार्य श्री तुलसी का विकास महोत्सव का आयोजन

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विकास पुरुष आचार्य श्री तुलसी का विकास महोत्सव का आयोजन
महातपस्वी आचार्य श्री महाश्रमण जी की विदुषी सुशिष्या साध्वीश्री संगीतश्री जी ठाणा चार के सान्निध्य में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथ सभा,सिलचर के तत्वावधान में विकास महोत्सव का कार्यक्रम स्थानीय राजीव भवन में कोविड प्रोटोकॉल को ध्यान में रखते हुए आयोजित किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ साध्वीश्री संगीतश्री द्वारा नमस्कार महामन्त्र का श्रवण कराके हुवा।साध्वीवृन्दो ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।सभा अध्यक्ष रतनलाल जी मरोठी ने अपने स्वागत वक्तव्य में बाहर से पधारें सभी  मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि आप लोग हमारे सिलचर जैसे सुदूर क्षेत्र में पधार कर हमें सेवा का अवसर प्रदान किया।
साध्वीश्री संगीतश्री जी ने अपने प्रेरणादायी वक्तव्य देते हुए आचार्य श्री तुलसी के जीवन के विभिन्न अवदानों के बारे में जानकारी प्रदान की।आपने कहा कि आचार्य तुलसी विकास के पर्याय थे।उनके अवदानों को याद करना सूरज को दीपक दिखाने के समान है।आप युगदृष्टा थे।
साध्वी शांतिप्रभा जी,साध्वी कमलविभा जी,साध्वी मुदिताश्री जी ने अपनी अभिव्यक्ति देते हुए कहा कि आचार्य तुलसी के शासनकाल में धर्मसंघ ने अभूतपूर्व विकास किया है। आपने अणुव्रत, प्रेक्षाध्यान,जीवन विज्ञान, नया मोड़,समण श्रेणी, पारमार्थिक शिक्षण संस्था,जैन विश्व भारती यूनिवर्सिटी, जैसे महान अवदानों से तेरापंथ शासन को विश्व व्यापी बनाया।
विकास महोत्सव के संयोजक बुद्धमल जी बैद,सभा उपाध्यक्ष प्रदीप जी सुराणा,महिला मंडल अध्यक्षा श्रीमती प्रेम सुराणा,अभातेयुप कमेटी सदस्य संजय नाहटा,तेयुप अध्यक्ष पंकज नाहर,सभा परामर्शक मूलचंद जी बैद आदि सभी ने अपनीअभिव्यक्ति देते हुए अभिवंदना के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
बाहर से पधारें संघो में से गुवाहाटी सभा के मंत्री निर्मल जी सामसुखा,नवगांव सभा के अध्यक्ष प्रमोद जी कोठारी व जीवनमल जी सुराणा, करीमगंज के अध्यक्ष श्री विनोद जी गंग,आदर्श साहित्य संघ विभाग जैन विश्व भारती के राष्ट्रीय सह संयोजक दिलीप जी दुग्गड़,खारूपेटिया से निर्मल जी चोरड़िया,डिमापुर के अध्यक्ष बजरंग जी बुच्चा,अभातेयुप सहमंत्री अनन्त जी बागरेचा, अभातेयुप के कार्यसमिति सदस्य वीरेंद्र जी संचेती आदि वक्ताओं ने सारगर्भित वक्तव्य में अपने भावों की अभिव्यक्ति दी।तेरापंथ महिला मंडल व ज्ञानशाला के बच्चों द्वारा बहुत ही मधुर गीतिका का संगान किया गया।कार्यक्रम का संचालन करते हुए सभा मंत्री तोलाराम गुलगुलिया ने बताया कि आचार्य श्री तुलसी ने जैन धर्म को जन धर्म बनाया आपकी इच्छा थी कि मानव सही अर्थों में मानव बनें।आप पांव पांव चलने वाले ऐसे सूरज थे जिनकी आभा सम्पूर्ण मानवता को आज भी आलोकित कर रही है।बाहर से पधारे हुए सभी सभाओं व केंद्र के पदाधिकारियों का साहित्य व दुपट्टा से सम्मानित किया गया।तथा चारित्रात्माओ के मार्ग की व्यवस्थाओं व सेवाओं के लिए विनोद जी वर्मा,संतोष जी बड़जात्या, जेठमलजी मरोटी व प्रदीप जी सुराणा का मोमेन्टो भेंट कर सम्मानित किया गया।आभार ज्ञापन तेयुप मंत्री जयंत चोपड़ा द्वारा किया गया।संघ गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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