सौ दिवसीय कार्य का अनुभव – डॉ हिमंत विश्व शर्मा

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सौ दिवसीय कार्य का अनुभव -डॉ हिमंत विश्व शर्मा
हमारी नई सरकार ने 100 दिन पहले जनता के शुभाशीष और आशीर्वाद के साथ शपथ ग्रहण किया था। हमने अपनी यात्रा की शुरुआत सार्थक बदलाव के सपने को अपने सीने में संजोकर किया था। इस सपने को वास्तविक करने के लिए 100 दिन बहुत अधिक समय नहीं है, खासकर जब हम प्रशासनिक क्षेत्र के संदर्भ का उल्लेख करते हैं। फिर भी एक सार्थकता का बीज बोया गया है और आने वाले समय में जो फल-फूल सामने आएगा, उसका परिणाम पहले ही दिखने लगा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित आदर्श सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास के आधार पर राज्य में हम जन केंद्रित प्रशासन बुनियाद बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। नागरिकों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखना जनभागीदारी के लिए प्रशासन का एक अनिवार्य तत्व है। इस तरह की जनभागीदारी का मुख्य आकर्षण सरकार के आह्वान के जवाब में आर्थिक रूप से सक्षम लोगों द्वारा राशन कार्ड को वापस करने के लिए दिखाया गया त्याग है।
हमारी सरकार ने राज्य की जब बागडोर संभाली तब कोरोना की दूसरी लहर से राज्य की स्थिति बेहद खराब थी। यही वजह है कि सरकार ने कोविड-19 की बढ़ी चुनौतियों का मुकाबला करने को प्राथमिकता दी। इसके लिए टीम असम ने अपनी सारी ऊर्जा प्रधानमंत्री मोदी के समग्र दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ी।
इस संबंध में हमारी रणनीति परीक्षण, उपचार, खोज और टीकाकरण (अंग्रेजी में टेस्ट, ट्रीट, ट्रेस और वैक्सीनेट) था। कई स्वास्थ्य विशेषज्ञों के द्वारा कोरोना की तीसरी लहर को जतायी गयी आशंका के मद्देनजर नुकसान को कम करने के लिए सभी तरह के आवश्यक तैयारी शुरू कर दी गई है। हमारे कोरोना योद्धा लड़ाई में सामने नेतृत्व प्रदान करते हुए महामारी के विरूद्ध इस युद्ध में असम को जीताने के लिए तैयार हो गये हैं।
हमारे स्वास्थ्य कर्मियों के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप, हम कोरोना संक्रमण के मामलों की दर को 9.13 प्रतिशत से घटाकर 0.73 प्रतिशत करने में सफल हुए हैं। 1356 मीट्रिक टन ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता को स्थापित करने में सफल हुए हैं। राज्य के मेडिकल कॉलेजों के आईसीयू की संख्या को दोगुनी कर 793 से 1,308 तक करने और वर्तमान में एक करोड़ 48 लाख का टीकाकरण पूरा हो चुका है।
हमने कोरोना से होने वाले दीर्घकालिक क्षति की पहचान की है। हमने उन बच्चों की अपूरणीय क्षति का पहचान किया है, जिन्होंने महामारी के दौरान अपने माता-पिता दोनों को खो दिया है। इस मामले में मुख्यमंत्री शिशु सेवा योजना की घोषणा करते हुए 24 वर्ष की आयु तक के ऐसे बच्चों को मासिक भरण-पोषण मुहैया कराने का निर्णय लिया गया है। कोरोना पर जीत हासिल करने के हमारे प्रयासों के अलावा हमने इन 100 दिनों में हमारे समाज को निगलने, हमारी सभ्यता-संस्कृति के लिए खतरा पैदा करने और हमारे भविष्य को अनिश्चित बनाने वाले कई खतरों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए हैं।
प्रगतिशील असम के लिए एक ड्रग्स मुक्त समाज की आवश्यकता है, मैं हमेशा इसको मानता हूं। ड्रग्स और नार्कोटिक्स तस्करी की जो प्राणाली बनी थी उसे नष्ट करने के लिए असम पुलिस पिछले 100 दिनों से प्रयास कर रही है। इन प्रयासों में 183 करोड़ रुपये की ड्रग्स जब्ती और 1,760 लाख रुपये की गिरफ्तारी हुई है। हम इस कारोबार को को कड़े कदमों से समाप्त कर ड्रग्स मुक्त असम की स्थापना करेंगे।
हमारी संस्कृति सैकड़ों-हजारों वर्षों से गो धन की पूजा करती आ रही है और हम हमेशा के गो-सुरक्षा को प्राथमिकता देते रहे हैं। हमारे चुनावी घोषणा पत्र में भी इसको जगह मिली है। चुनावी घोषणाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए असम गो सुरक्षा कानून-2021 को हुए पारित किया गया है। इस एक्ट के जरिए हम राज्य में लंबे समय से धड़ल्ले से चल रहे गो धन के अवैध कारोबार और राज्य में गो धन के अवैध परिवहन को रोकना चाहते हैं। हमने अपने मंदिरों और नामघरों के परिसर में बनी अवैध बस्तियों को बेदखल करने के लिए बेदखली अभियान भी शुरू किया है।
हमने जो संकल्प लिया है वह हमारे लिए एक पवित्र दस्तावेज है। हमने 100 दिनों में इस संकल्प का पालन किया है या उनके पालन की दिशा में कड़ी मेहनत की है। जैसा कि वादा किया गया था कि उसके अनुसार हमने अरुणोदय योजना के धन को 830 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये कर दिया है। इस योजना में और 6.38 लाख नए लाभार्थियों को जोड़ा गया है। हमारे चुनावी वादे के अनुसार माइक्रोफाइनेंस कर्जदारों को राहत देने के लिए असम माइक्रोफाइनेंस इंसेंटिव एंड रिलीफ स्कीम, 2021 नामक योजना तैयार की गई है। चाय बागान के मजदूरी को 2021 के फरवरी महीने से क्रियान्वित करते हुए हमने ब्रह्मपुत्र घाटी में मजदूरी दर 167 रुपये से 205 रुपये और बराक घाटी में 145 रुपये से 183 रुपये बढ़ाकर चाय बागान के भाई-बहनों को दिये गये आश्वासन को हमने पूरा किया है। पंडित दीनदयाल उपाध्याय द्वारा दिये गये अंत्योदय का दर्शन हमारी नीति का आधार है और हम समाज के अंतिम व्यक्ति तक मदद का हाथ पहुंचाने की इस नीति को जारी रखेंगे।
टोक्यो ओलंपिक में असम की मुक्केबाज लवलीना बरगोहाईं की ऐतिहासिक सफलता हर असमिया के लिए बड़े गर्व की बात है। यह सफलता को पूरे उत्साह के साथ मनाया गया है ताकि 2024 के ओलंपिक में कई और लवलीना सफलता हासिल कर सकें।
अगले पांच वर्षों को स्वर्णिम अध्याय में जोड़ने के लिए 100 दिनों में कुछ सार्थक परिवर्तन की नींव रखी गई है। न्यूनतम सरकार, अधिकतम प्रशासन नीति के तहत उपायुक्तों को अधिक शक्तियां प्रदान की गई हैं ताकि, जल जीवन मिशन, औद्योगिक भूमि आवंटन और बाढ़ राहत के लक्ष्य तक तत्काल पहुंचा जा सके।
बेहद कम समय में किराएदार और मालिक पक्ष के बीच विवादों को सुलझाने के लिए असम में एक आदर्श भारतीय कानून पारित किया है। असम एक इथेनॉल नीति तैयार करने के क्षेत्र में सफल हुई है। यह नीति अपनाने वाला असम भारत के राज्यों में से एक है। यह पहला मौका है जब 100 दिन में सरकारी जमीन का डाटाबेस बनाया गया है।
यह असम के लोगों के लिए यह महत्वपूर्ण क्षण है। केंद्र में सहानुभूति रखने वाली भाजपा सरकार और असम में भी सत्ता वाली पार्टी के कारण राज्य के विकास के लिए हम दोनों हाथों से काम करने में सफल रहे हैं। इन तीन महीने में केंद्र सरकार के मंत्रियों के समर्थन से हम जल जीवन मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना र प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना जैसे मुख्य केंद्रीय योजना को तेजी से क्रियान्वित किया जा रहा है।
अतित में केंद्र की सरकारों ने पूर्वोत्तर राज्यों के बीच की सीमाओं समस्या को अनिर्णय की स्थिति में रखा था। पिछले 100 दिनों में दशकों से चली आ रही समस्या खासकर नगालैंड, मेघालय और मिजोरम के साथ असम में सीमा की समस्या के समाधान की दिशा में काफी प्रगति हुई है।
असम ने ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ मनाने में ऐतिहासिक सफलता हासिल की। 1979 के बाद पहली बार किसी प्रतिबंधित संगठन द्वारा बहिष्कार किए बिना इस साल का स्वतंत्रता दिवस मनाया गया। हमने ऐसी सकारात्मक घटना पहली बार देखी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में असम का विकास और उन्नयन लगातार ऊपर की ओर आगे बढ़ रहा है, इस महत्वूर्ण सफलतला क्रियान्वित होना अपने आप में यह ऐतिहासिक घटना हम देख रहे हैं।
हमने अपनी यात्रा लोगों के प्यार और आशीर्वाद के साथ आरंभ किया है। हम अपनी यात्रा को जन-जन की भागीदारी सफल बनाने की कामना करते हैं। लोगों की मदद से हमने ठान लिया है कि आने वाले समय में पूरी ताकत के साथ प्रदेश के विकास के लिए काम करते रहेंगे।

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