हमें आरक्षण नहीं चाहिए, बल्कि जो योग्य हैं, उन्हें अवसर जरुर मिलना चाहिए: प्रो. पतंलजि मिश्र

अखिल ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान असम शाखा का ब्राह्मण महासम्मेलन शिलकुड़ी में संपन्न

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अखिल ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान शिलचर शाखा का ब्राह्मण महासम्मेलन शिलकुड़ी में संपन्न

प्रे.सं.शिलचर, २८ फरवरी: इस ब्राह्मण सम्मेलन का उद्देश्य ब्राह्मण समाज को आगे बढ़ाने का है, हमें आरक्षण नहीं चाहिए किन्तु जो योग्य हैं, उन्होंने अवसर अवश्य मिलना चाहिए। प्रत्येक समाज में योग्य लोगों की कमी नहीं है, उन सभी लोगों को आगे बढ़ाना है। उपरोक्त कथन आज बरमबाबा मंदिर परिसर में अखिल ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान शिलचर शाखा द्वारा आयोजित ब्राह्मण महासम्मेन के मुख्य वक्ता बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कृत (वैदिक) विभाग के संकाय प्रो. पतंजलि मिश्र ने कही और बताया कि ब्राह्मण संस्कार संपन्न होना चाहिए, तभी समाज का नेतृत्व कर सकता है।

एक सच्चा ब्राह्मण ही समाज को पतित होने से बचा लेता है। उन्होने कहा कि संस्कार के मूल में ही पवित्रता का वास होता है। हमें बाहरी स्वच्छता के साथ-साथ आंतरिक शुद्धि के लिए भी प्रयासरत रहना चाहिए तभी हम भगवान विष्णु के सम्मुख हो सकते हैं। प्रो. मिश्र ने कहा कि समाज में ब्राह्मण और गौ के महत्व को समझना आवश्यक है, किन्तु ब्राह्मणों को भी पवित्र होना चाहिए। प्रो. पतंजलि मिश्र ने आरक्षण का प्रसंग उठाते हुए कहा कि आरक्षण के पहले का भारत खुशहाल था किन्तु जब से आरक्षण लागु हुआ है, तब से भ्रष्टाचार, भेदभाव, सामाजिक विघटन बढ़ा है।

उन्होने यह भी स्वीकारा कि बीते समय में कुछ ब्राह्मणों ने छुआ-छूत, भेदभाव किया, किन्तु उनलोगों की संख्या बहुत कम थी, कुछ लोगों की गलती की सजा पूरा ब्राह्मण समाज क्यों भोगे? सम्मेलन के अन्य वक्ताओं में जुगल किशोर पाण्डेय ने कहा कि हर जाति,धर्म, संप्रदाय का विकास होना चाहिए, हमारे प्रधानमंत्री ने जैसा की कहा है सबका साथ-सबका विकास, उसी तर्ज पर हमें सभी के विकास हेतु काम करना चाहिए।

डॉ. राजीव कुमार झा ने भी अपने सारगर्भित वक्तव्य में व्यवहारिक जानकारी प्रस्तुत करते हुए कहा कि हम हिन्दू अपने-अपने धर्म से विमुख हो गये हैं, हमें अपनी भौतिकता के आगे धर्म नहीं सूझता, जबकि गैर धर्म के लोग भौतिकता में रहते हुए भी नियमित नमाज, और अपने धार्मिक प्रतिष्ठानों में जाते रहते हैं। ऐसे ही हमें और हमारी अगली पीढ़ी को भी नियमित अपने धर्म के प्रति संकल्पित रहने की आवश्यकता है । झा जी ने कहा कि धर्म का व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए, मंदिरों में अक्सर देखा जाता है कि हजार-पांच सौ देने वाले तुरंत भगवान का दर्शन पा लेते हैं जबकि फ्री वाले बेचारे दिन भर लाईन में खड़े रहते हैं। उन्होंने बेरोजगार ब्राह्मणों को सरकारी सुविधा देने की मांग भी सभा के द्वारा उठायी। ।

अखिल ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान असम शाखा के तत्वावधान में आज २८ फरवरी को असम के ऐतिहासिक प्राचीनतम स्थल बरमबाबा मन्दिर परिसर में सुबह १० बजे एक दिवसीय ब्राह्मण महासम्मेलन का आयोजन किया गया । इस समारोह में मुख्य अतिथि के रुप में अखिल ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान भारत संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ब्राह्मण शिरोमणि पंडित कमलेश रामयज्ञ पाण्डेय, व मुख्य वक्ता के रूप में बानारस हिन्दू विश्वविद्यालय के संस्कृत(वैदिक) विभाग के संकाय प्रो. पतंजलि मिश्र, विशेष अतिथि के रूप में अखिल ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान के राष्ट्रीय संरक्षक पंडित अनिल प्रताप त्रिपाठी, सम्मानित अतिथि के रूप में असम विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. नागेन्द्र पाण्डेय, असम सरकार के प्राथमिक शिक्षा विभाग के उपनिदेशक डा. राजीव कुमार झा (ए इ.एस), असम सरकार के हिन्दीभाषी विकास परिषद के चेयरमैन जुगल किशोर पाण्डेय, असम चाय जगत के विशेषज्ञ तथा समाजसेवी ईश्वर भाई उभाडिया, असम विश्वविद्यालय के प्रो. डॉ. नागेन्द्र पाण्डेय, पंडित सविता शर्मा ( कर्मकाण्ड प्रधान, अवाविप्र एवं आचार्य, बरमबाबा मन्दिर), शिलकुडी बागान के प्रबंधक व बरमबाबा मंदिर संचालन कमेटी के अध्यक्ष डीएन सिंह , ब्राह्मण विकास परिषद के अध्यक्ष केशव दीक्षित इत्यादि मंचासीन थे। दीप प्रज्वलन के पश्चात सभी मंचासीन अतिथियों को शॉल एवं फूलों की माला से सम्मानित किया गया। यह सम्मेलन कोबिद प्रोटोकाल का पालन करते हुए किया गया। सम्मेलन में असम के विभिन्न क्षेत्र में सेवारत सात विशिष्ट व्यक्ति को सम्मानित किया गया। जिनमें दो व्यक्ति को मरणोपरान्त सम्मान से विभुषित किया गया। कार्यक्रम का संचालन आनंद द्विवेदी ने किया। स्वागत वक्तव्य डॉ. सुनील पाठक तथा प्रस्ताविक वक्तव्य सचिव सुब्रत शर्मा ने प्रस्तुत किया।

यह सम्मेलन सम्पूर्ण रूप से अखिल ब्राह्मण विकास प्रतिष्ठान असम शाखा के प्रमुख मार्गदर्शक डा. गोपालजी मिश्रा ( संकाय, सामाजिक कार्य विभाग, असम विश्वविद्यालय) के संरक्षण में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के मार्गदर्शक डा. शान्ति पोखरेल (आचार्य, संस्कृत विभाग असम विश्वविद्यालय) ने की। पंडित मनोज कुमार पाण्डेय (अध्यापक एवं वरिष्ठ पत्रकार), पंडित जवाहर लाल पाण्डेय ( प्रदेश अध्यक्ष), सुब्रतशर्मा (महासचिव), डा. सुनील पाठक (तीर्थस्थल अधिकारी, अब्राविप), प्रशिक्षक गौतम चक्रवती, पंडित राजेन्द्र पाण्डेय, कर्मकाण्ड प्रधान पंडित विजय प्रकाश पाठक, पंडित लक्ष्मण पाण्डेय, समेत शाखा विशिष्ठ कार्यकारिणी सदस्यगण सर्वश्री पंडित आनन्द द्विवेदी, पंडित कामाख्या प्रसाद तिवारी, पंडित अरविन्द शर्माजी, पंडित अरविन्द पाठक, पंडित जयप्रकाश उपाध्याय, पंडित मनोज दूबे, पंडित दीनबंधु तिवारी, पंडित श्रीनिवास पाण्डेय, पंडित प्रमोद उपाध्याय,पंडित जीतेन पाण्डेय समेत प्रदेश शाखा के विभिन्न कार्यकर्तागण दिनरात एक कर कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे हुए थे।

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