शिलचर, 21 मार्च (चंद्रशेखर ग्वाला): हवाईथांग हाई स्कूल के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक और शिक्षाजगत के सम्मानित व्यक्तित्व बलिराम ग्वाला का 16 मार्च को शिलचर के एक निजी नर्सिंग होम में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे। उनके निधन से शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में अपूरणीय क्षति हुई है।
बलिराम ग्वाला अपने पीछे पत्नी, दो बेटे, पोते और बड़े भाई सहित एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। इसके अलावा, उनके अनगिनत शिष्य, शुभचिंतक और समाज के लोग उनके निधन से शोकाकुल हैं।
प्रेरक शिक्षक और समाजसेवी
बलिराम ग्वाला केवल एक शिक्षक ही नहीं, बल्कि एक प्रेरणास्रोत थे। उन्होंने अपनी मेहनत और दूरदृष्टि से हवाईथांग जैसे पिछड़े इलाके के स्कूल को राज्य स्तर तक प्रतिष्ठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मार्गदर्शन में कई छात्रों ने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कीं।
सिर्फ शिक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक गतिविधियों में भी उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। वह सदैव गरीब और वंचित वर्ग के कल्याण के लिए समर्पित रहे। प्रचार-प्रसार से दूर रहकर, उन्होंने समाज के उत्थान के लिए कार्य किए। उनके व्यक्तित्व की बहुमुखी प्रतिभा और सेवाभाव के कारण समाज में उन्हें अपार सम्मान प्राप्त था।
शोक की लहर
उनके निधन की खबर से हवाईथांग और आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई। उनके शिष्य, सहकर्मी और समाजसेवी उनकी स्मृतियों को संजोए हुए हैं। उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बलिराम ग्वाला का निधन शिक्षा जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। उनका आदर्श, समर्पण और सेवाभाव आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बना रहेगा।