मंत्री कौशिक राय ने तिनसुकिया में सिविक एडमिनिस्ट्रेशन और वेलफेयर स्कीम का रिव्यू किया; डेकोरेटिव स्ट्रीट लाइट का उद्घाटन किया

तिनसुकिया: असम के फूड, पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और कंज्यूमर अफेयर्स, कोऑपरेशन, और हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मिनिस्टर, कौशिक राय ने बुधवार को तिनसुकिया जिले के सभी आठ म्युनिसिपल बोर्ड के कामकाज का आकलन करने के लिए एक पूरी रिव्यू मीटिंग की अध्यक्षता की, साथ ही हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स, कोऑपरेशन, और फूड, पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन और कंज्यूमर … Read more

अरुणाचल के तीन ज़िलों में ताज़ा लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़; मॉनसून से मरने वालों की संख्या बढ़ी

ईटानगर: लगातार बारिश की वजह से अरुणाचल प्रदेश के तीन ज़िलों में ताज़ा लैंडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ ने पांच गांवों और तीन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्कल को प्रभावित किया है, जबकि राज्य में मॉनसून का संकट और भी बिगड़ता जा रहा है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) की ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 24 घंटों में … Read more

BRO ने तवांग में कम्युनिटी बुक रीडिंग आउटलेट लॉन्च किए

तवांग (अरुणाचल प्रदेश): एक खास कम्युनिटी आउटरीच पहल में, प्रोजेक्ट वर्तक के तहत 763 बॉर्डर रोड्स टास्क फोर्स (BRTF) ने तवांग के स्कूलों और खास टूरिस्ट जगहों पर BRO बुक रीडिंग आउटलेट का एक नेटवर्क लॉन्च किया है, जो अरुणाचल प्रदेश के दूर-दराज के बॉर्डर जिले में पढ़ने और जानकारी शेयर करने को बढ़ावा दे … Read more

मुख्यमंत्री और जे.पी. नड्डा ने असम में बाढ़ की स्थिति का रिव्यू किया; मुख्यमंत्री ने ज़्यादा राहत के लिए NDRF के नियमों में ढील देने की मांग की

डिब्रूगढ़: मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने बुधवार को डिब्रूगढ़ में मुख्यमंत्री सचिवालय में हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में असम में बाढ़ की स्थिति का मिलकर रिव्यू किया, जिसमें ऊपरी असम के बाढ़ से तबाह जिलों पर खास ध्यान दिया गया। मीटिंग में मौजूदा मानसून बाढ़ … Read more

असम राइफल्स ने नारकोटिक्स सिंडिकेट पर फिर से हमला किया; ₹2.55 करोड़ का कॉन्ट्राबैंड ज़ब्त किया गया, दो ड्रग पेडलर पकड़े गए

नारकोटिक्स सिंडिकेट पर लगातार दबाव बनाए रखते हुए, असम राइफल्स ने 48 घंटों के अंदर ₹28 करोड़ के नारकोटिक पदार्थ बरामद करके एक और बड़ा झटका दिया है। कछार पुलिस के साथ एक जॉइंट ऑपरेशन में, असम राइफल्स ने 05 अगस्त 2026 को असम के कछार जिले के लखीपुर, जिरीघाट के जनरल एरिया लालपानी में … Read more

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस – स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण की दिशा में निर्णायक पहल

– ई0 प्रभात किशोर बच्चे किसी भी राष्ट्र के भविष्य होते हैं। परन्तु बच्चों की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा कृमि संक्रमण से पीड़ित है, जो उनके स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र कल्याण को कुप्रभावित करता है। बच्चों में कृमि संक्रमण की व्यापकता की ज्वलंत समस्या से निबटने हेतु भारतवर्ष में एक राष्ट्रव्यापी अभियान के रूप में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन किया जाता है। यह महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य पहल युवा पीढ़ी के लिए एक स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करती है। 1 से 19 वर्ष की आयु के बच्चे अपनी जीवनशैली और पर्यावरण के कारण कृमि संक्रमण के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। परजीवी कृमि संक्रमण, विशेष रूप से मृदा संचारित कृमि (एसटीएच) के चक्र को भेदने हेतु राष्ट्रव्यापी योजनाबद्ध हस्तक्षेप आवश्यक है। मृदा संचारित कृमि (एसटीएच) कृमि पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा डालते हैं और शारीरिक परेशानी पैदा करते है । इसके परिणामस्वरूप एनीमिया, कुपोषण और मानसिक और शारीरिक संज्ञानात्मक विकास में बाधा उत्पन्न होती है, जो बच्चों के शैक्षिक प्रदर्शन के साथ-साथ जीवन की गुणवत्ता को भी गंभीर रूप से प्रभावित करती है। कृमि मुक्ति से बच्चों में कृमि संक्रमण में उल्लेखनीय कमी आती है। इससे उनके शारीरिक स्वास्थ्य और पोषण की स्थिति में सुधार होता है और मस्तिष्क पर कृमियों के हानिकारक प्रभाव समाप्त होते हैं, जिससे सीखने की क्षमता और शैक्षणिक प्रदर्शन में सुधार होता है। बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य से विद्यालय में नामांकन, ठहराव और शिक्षा की गुणवत्ता में भी सकारात्मक प्रभाव परिलक्षित होते हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, भारतवर्ष में 1 से 14 वर्ष की आयुवर्ग के 24 करोड़ 10 लाख बच्चे परजीवी आंतों के कृमियों से संकटग्रस्त हैं। नियमित कृमि मुक्ति से संकटग्रस्त आबादी की रक्षा होती है। आमजन को कृमि संक्रमण के लक्षणों के बारे में पता होना चाहिए, ताकि समय पर इसका इलाज करवाकर बेहतर स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जा सके। प्रारम्भ में कतिपय कृमियों के मामले में, कोई स्पष्ट ध्यातव्य लक्षण दिखाई नहीं देते हैं, परन्तु जैसे-जैसे  कृमि संक्रमण बढ़ता है, दस्त, पेट दर्द, कमजोरी एवं थकान, भूख न लगना, पोषण संबंधी कमियाँ, त्वचा संबंधी समस्याएँ, पाचन संबंधी परेशानियाँ आदि होने लगती हैं। परजीवी कृमि संक्रमण में बढ़ोतरी नागरिकों के स्वास्थ्य के प्रति सार्वजनिक चिंता का विषय है और इसे कुछ सामान्य सामुदायिक प्रयासों से भी कम किया जा सकता है, यथा- खुले में शौच से बचना, नंगे पैर नहीं घूमना, खाने के पूर्व फलों /सब्जियों को धोना, मांस/ सब्जियों को ठीक से पकाना, कच्चा स्ट्रीट फूड खाने से परहेज करना, रसोई को साफ-सुथरा रखना, उपचारित /उबला हुआ पेयजल सेवन करना, नाखूनों को साफ रखना, खेलने एवं बागवानी करते समय मिट्टी के संपर्क में आने के बाद हाथ धोना आदि । स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के द्वारा 10 फरवरी 2015 को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) का शुभारंभ किया गया। यह दिवस स्वास्थ्य कर्मियों के उन्मुखीकरण, विद्यालय जाने वाले बच्चों को कृमि मुक्ति एल्बेंडाजोल गोलियों के वितरण व सेवन और इसकी उचित निगरानी एवं मूल्यांकन के लिए राष्ट्रव्यापी प्रभावी दृष्टिकोण को तेज करने हेतु वर्ष में दो बार क्रमशः 10 फरवरी एवं 10 अगस्त को मनाया जाता है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का उद्देश्य आंगनवाड़ी केन्द्रों और विद्यालयों के माध्यम से 1-19 वर्ष आयु वर्ग के सभी प्री-स्कूल और विद्यालय जाने वाले बच्चों (नामांकित और अनामांकित) को कृमि मुक्त करना है ताकि उनके समग्र स्वास्थ्य, पोषण की स्थिति, शिक्षा तक पहुंच और जीवन की गुणवत्ता में सुधार हो सके। एल्बेंडाजोल की गोलियां उन बच्चों को नहीं दी जाती हैं जिन्हें इससे एलर्जी है। साथ हीं गंभीर रूप से बीमार बच्चों, गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं को भी इसके सेवन से दूर रखा जाता है। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस विद्यालय जाने वाले बच्चों को परजीवी कृमि संक्रमण से बचाने हेतु एक महत्वपूर्ण दिवस है, जिसमें एल्बेंडाजोल की गोलियां दी जाती हैं और विद्यालय के शिक्षको एवं अन्य कर्मचारियों को बच्चों द्वारा इसके नियमित उपयोग के लिए उन्मुखीकरण और मार्गदर्शन किया जाता है। इस महत्वपूर्ण पहल से देश के बच्चों का उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य का मार्ग प्रशस्त होगा और राष्ट्र “एनीमिया मुक्त भारत” की दिशा में अग्रसर होगा। (लेखक अभियंता और शिक्षाविद् हैं।)

अलाइचारा की लड़की के साथ बलात्कार और हत्या: उदरबंद में हिंदू रक्षी दल ने तीन आरोपियों को फांसी देने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया

नईम हुसैन बरुभुइयां, उदरबंद, 5 अगस्त: उदरबंद के हिंदू रक्षी दल ने बुधवार को हैलाकांडी जिले के कटलीछारा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले अलाइचारा क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के साथ बलात्कार और हत्या के मामले में तीन आरोपियों को कड़ी सजा और फांसी देने की मांग की। बुधवार शाम को संगठन ने उदरबंद … Read more

अखिल असम रौनियार वैश्य समाज ने शिवसागर में बांटी राहत सामग्री

लखीमपुर 5 अगस्त असम की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था अखिल असम रौनियार वैश्य समाज द्वारा शिवसागर जिले के नेपाली खूटी ग्रामीण क्षेत्र में बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया। यह दूसरी बार है जब संस्था ने बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद की। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि राहत कार्य लगातार चल … Read more

धुबरी में बाढ़ पीड़ितों के लिए बदरुद्दीन अजमल ने जुटाए 5 लाख रुपये

सेलिम शेख, धुबरी, 5 अगस्त: धुबरी जिला पुस्तकालय में आजमल कॉलेज और आजमल सुपर 40 के संयुक्त तत्वावधान में एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अखिल भारतीय नीट (NEET) परीक्षा में सफल छात्रों को पारंपरिक जापी और फूलाम गामोसा भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में … Read more

कछार के मेधावी छात्रों को ओबीसी एसोसिएशन ने सम्मानित किया, 12 मेधावी छात्र-छात्राओं को किया सम्मानित!

शिक्षा के प्रति प्रोत्साहन और प्रतिभा की मान्यता के उद्देश्य से ऑल असम अदर बैकवर्ड क्लासेस एसोसिएशन, कछार जिला शाखा के तत्वावधान में बुधवार को सिलचर में “कछार जिले के मेधावी विद्यार्थियों का अभिनंदन समारोह” आयोजित किया गया। बराक टी लेबर यूनियन कार्यालय में आयोजित इस समारोह में हाल ही में संपन्न माध्यमिक और उच्च … Read more