पत्रकार : इतिहास के गुमनाम सिपाही
जिसकी तस्वीर कभी छपी नहीं, वही आंदोलन की पहली आवाज़ था।आंदोलन जीतने वाले अक्सर मंच पर नहीं, कैमरे के पीछे खड़े होते हैं। इतिहास के गुमनाम सिपाही ! आंदोलन इतिहास बनाते हैं, पत्रकार उसकी पहली आवाज़ दर्ज करते हैं!आंदोलन खत्म हो गया, नेता याद रह गए—पत्रकार फिर अगले संघर्ष में निकल पड़े! इतिहास की एक अजीब आदत है। वह … Read more