शिवकुमार, शिलचर, 29 मार्च: “15 अगस्त 1947 को भारत आजाद हुआ, यह कहां लिखा है?” यह सवाल भारत के प्रख्यात पत्रकार और राष्ट्रवादी विचारक पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने शनिवार को शिलचर में विद्यार्थियों के समक्ष उठाया। वे एनआईटी शिलचर और असम विश्वविद्यालय में छात्रों और शिक्षकों के साथ संवाद कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि “भारत की आजादी की तारीख के रूप में 15 अगस्त 1947 दर्ज नहीं है, बल्कि यह महज सत्ता का हस्तांतरण था।”
राष्ट्र और राज्य का भेद समझने की आवश्यकता
पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ ने अपने संबोधन में राष्ट्र और राज्य के अंतर को समझाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हम सरकार को कर (टैक्स) देते हैं, और बदले में सरकार की यह जिम्मेदारी बनती है कि वह हमें बुनियादी सुविधाएं – बिजली, पानी, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा उपलब्ध कराए। यह कोई विशेष कृपा नहीं, बल्कि सरकार का कर्तव्य है।”
उन्होंने धर्म और मजहब के बीच के अंतर को रेखांकित करते हुए कहा कि, “हर चीज का धर्म है, यानी उसका कर्तव्य। पिता का धर्म, माता का धर्म, शिक्षक का धर्म होता है। हमें ‘आदर्शवादी राम’ तो बताए जाते हैं, लेकिन ‘धनुर्धारी राम’ के बारे में क्यों नहीं सिखाया जाता? गीता सुनाकर अर्जुन को कायरता से दूर करने वाले श्रीकृष्ण का सम्पूर्ण व्यक्तित्व क्यों नहीं बताया जाता?”
सरकार की भूमिका और हिंदू समाज की जागरूकता पर जोर
पुष्पेंद्र जी ने कहा कि “सरकार हमारे हर काम में हस्तक्षेप कर रही है क्योंकि हम स्वयं अपने कर्तव्यों का निर्वहन ठीक से नहीं कर रहे हैं।” उन्होंने हिंदू समाज को जागरूक करने की जरूरत बताते हुए कहा कि “कुछ लोग हिंदू राष्ट्र बनाने की बात करते हैं, लेकिन पहले हिंदू तो बनो। जब जात-पात के आधार पर वोट दिया जाता है, तो फिर एकता की उम्मीद कैसे की जा सकती है?”
बांग्लादेशी घुसपैठ और सुरक्षा नीति पर टिप्पणी
उन्होंने बांग्लादेशी घुसपैठ के मुद्दे पर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि, “घुसपैठिए न केवल भारत, बल्कि इंग्लैंड और अमेरिका तक पहुंच रहे हैं। अमेरिका में एक इमारत गिराने वालों को अमेरिका ने पाकिस्तान में घुसकर मार गिराया और उनकी लाश को समुद्र में बहा दिया, ताकि उसे शहीद बनने का मौका न मिले।”
कार्यक्रम में अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित
इस संवाद कार्यक्रम में हिंदीभाषी एवं चाय जन समुदाय मंच, बराक घाटी के अध्यक्ष उदय शंकर गोस्वामी, कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश कुमार सिंह और विश्व हिंदू परिषद के प्रांत अध्यक्ष अधिवक्ता शांतनु नायक मंचासीन थे। कार्यक्रम का संचालन मंच के महासचिव कंचन सिंह ने किया। अन्य प्रमुख अतिथियों में प्रदीप गोस्वामी, डॉ. रंजन सिंह, दिलीप कुमार, प्रो. अजय कुमार सिंह, प्रदीप बनिक, राजेंद्र पांडेय, सुनील शर्मा, गोलक ग्वाला, जयप्रकाश गुप्ता, मनीष पांडेय और प्रमोद जायसवाल उपस्थित थे।
30 मार्च को होगा मुख्य कार्यक्रम
हिंदीभाषी एवं चाय जन समुदाय मंच द्वारा 30 मार्च को सनसिटी मेहरपुर स्थित हंसी खुशी विवाह भवन में पुष्पेंद्र कुलश्रेष्ठ का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम अपराह्न 4:00 बजे प्रारंभ होगा। आयोजकों ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे इस कार्यक्रम में उपस्थित होकर पुष्पेंद्र जी के विचारों को सुनें और राष्ट्र की दिशा पर मंथन करें।