असम विधानसभा चुनाव :चीं -चीं करती गोरैया आई, जागो-जागो मतदाता बहन-भाई

[ मैस्कॉट से दुर्लभ जीवों को बचाने और मतदाताओं को जागरूक करने की कवायद ]

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असम विधानसभा चुनाव :चीं -चीं करती गोरैया आई, जागो-जागो मतदाता बहन-भाई

मनोज कुमार ओझा की विशेष रिपोर्ट

तिनसुकिया, 7 मार्च : घर-आँगन मेँ चीं-चीं कर सुबह-शाम कुदकते-फुदकते रहने वाली छोटी सी, प्यारी सी नन्ही सी गौरैया इस बार के चुनाव हेतु वोटरों को प्रोत्साहित करेगी.

इस बार हाईलाकांदी जिला प्रशासन ने लुप्तप्राय गौरैया को अपने वोटर अवेयरनेस प्रोग्राम के लिये मास्कोट के रूप मेँ चुना है. इसके पीछे प्रशासन के दो नेक इरादे हैँ –पहला, लोगों को आने वाले विधानसभा चुनाव मेँ मतदान हेतु उत्साहित करना, और दूसरा, गौरैया के संरक्षण पर बल देना अर्थात एक पंथ और दो काज.

यह जिला राज्य की राजधानी गुवाहाटी से 313 किलोमीटर की दुरी पर स्थित है और इसका पड़ोसी जिला काछार अपने समृद्ध जैविक विविधता के लिए जाना जाता है. यहाँ नाना प्रकार के जलचर, थलचर व नभचर जीव पाए जाते हैँ.

हाईलाकांदी जिला के तीन विधानसभा समष्टि हैँ : अलगापुर, काटलीचेरा और हाईलाकांदी, जहाँ दूसरे चरण के चुनाव 1 अप्रैल को होंगे. पहले चरण का चुनाव अपर असम मेँ 27 मार्च को 12 जिलों के 27 सीटों पर होंगे. अंतिम चरण का चुनाव 6 अप्रैल को होगा.

2 मई को चुनाव परिणाम घोषित होंगे.

” एक समय इस क्षेत्र मेँ गौरैया पर्याप्त मात्रा मेँ थीं जो अब विलुप्त होने के कगार पर हैँ. इस नन्ही चिड़िया को संरक्षण देने की आवश्यकता है साथ ही इसको मैस्कॉट बनाकर वोटर अवेयरनेस भी करना है.” डिप्टी कमिश्नर व डिस्ट्रिक्ट इलेक्शन अफसर ने कहा.

बताते चलें कि सन 2016 मेँ गंगेटिक डॉलफिन को गुवाहाटी शहर का ऑफिसियल मैस्कॉट घोषित किया गया था जो ब्रह्मपुत्र मेँ पायी जाती है और इसके आवास को ध्वस्त करने के साथ-साथ इसके तेल और मांस के लिए इसका व्यापार किया जाता रहा है. इसके अलावा — ब्लैक सॉफ्ट शेल कछुआ और ग्रेटर एडजुटेंट बगुला को भी सिटी एनिमल के टाइटल के लिए कंसीडर किया गया था. इन दोनों का भी अंडे और मांस के लिए व्यवसाय किया जाता रहा है.

दूसरी ओर एक आईआईएम ग्रेजुएट ने असम विधानसभा चुनाव हेतु ” बोहाग ” और ” बोहागी ” नाम के मैस्कॉट बनाये हैँ.

असम चुनाव विभाग ने मतदाताओं के मध्य विस्तृत प्रचार अभियान चलाया है और तीन चरणों मेँ होने वाले चुनाव मेँ 85 प्रतिशत वोटिंग परसेंटेज का लक्ष्य रखा है. ” अबकी बार, 85 परसेंट के पार. ” असम के मुख्य चुनाव अधिकारी नितिन खड़े ने प्रेरणा भारती को लक्ष्य बताया.

ज्ञात हो कि मतदाताओं के सहायता हेतु एक टोल फ्री नंबर 1950 भी रिलीज़ किया गया है सिस्टेमेटिक वोटर्स एजुकेशन एंड इलेक्टोरल पार्टिसिपेशन ( स्वीप ) के आइकॉन के रूप मेँ राज्य के मुख्य चुनाव आयुक्त नितिन खड़े ने क्रिकेटर रियान पराग, अभिनेता कपिल बोरा, गायक अनिंदिता पाल और पारा -साइकिलिस्ट राकेश बनिक को नियुक्त किया है.

इतना ही नहीं चुनाव के महत्व से मतदाताओं को अवगत करने के लिए पुरे राज्य मेँ नुक्क्ड़ नाटक भी अभिनीत किये जायेंगे.

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