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बराक चाय श्रमिक यूनियन के बैठक में सांसद सुष्मिता देव के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित

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शिलचर, 19 दिसंबर। बराक चाय श्रमिक यूनियन की नवगठित कार्यकारिणी की पहली बैठक शुक्रवार को बराक चा-श्रमिक यूनियन के सभाकक्ष में हुई। करीमगंज के सांसद तथा बराक चाय श्रमिक यूनियन के अध्यक्ष कृपानाथ माला के अध्यक्षता में आयोजित सभा में विभिन्न विकास परियोजनाओं को मंजूरी देने और सरकारी नौकरियों में चायसमुदाय के लिए आरक्षण लागू करने पर मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा को आभार व्यक्त किया गया। साथ ही, कुछ दिन पहले करीमगंज सांसद कृपानाथ माला के खिलाफ टिप्पणी करने के लिए सांसद सुष्मिता देव के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया।
बराक चा श्रमिक यूनियन की नवगठित कार्यकारिणी की पहली बैठक शुक्रवार को हुई। इस अवसर पर यूनियन के उपाध्यक्ष शिउनारायण राय, राधेश्याम कैरी, महासचिव राजदीप ग्वाला, सहायक महासचिव सनातन मिश्रा, रवि नुनिया, क्षीरोद कर्मकार, विपुल कुर्मी व संपादक बाबुल नारारण कानू मंचा की शौभा बढ़ा रहे थे।
बैठक की शुरुआत में कृपानाथ मलाह ने अपने स्वागत भाषण में सभी चाय श्रमिकों को एकजुटता की सलाह दी। इस दिन राजदीप ग्वाला ने उद्देश्य बताते हुए सभी से यूनियन के हित में कार्य करने का आह्वान किया। इसके बाद अध्यक्ष कृपानाथ मलाह ने नवगठित कार्यकारिणी सदस्यों को शपथ दिलाई। बाद में उत्तरीय भेंट कर सभी का स्वागत किया गया।
बैठक में बाबुल नारायण कानू ने पिछली आमसभा की कार्यवाही पाठ किया। क्षीरोद कर्मकार द्वारा विभिन्न मंडलों में निर्वाचित परिषद सदस्यों की सूची प्रस्तुत की गयी, जिसे बैठक में सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गयी। इस दिन बराकघाटी के चाय बागानों और चाय बागानों की विभिन्न समस्याओं पर चर्चा हुई. शिउनारायण राय, राधेश्याम कैरी, सनातन मिश्रा, रवि नूनिया, विपुल कुर्मी, कनाईलाल रविदास, चौधरी चरण गोंड़, सुरजीत कर्मकार, देवाशीष कानू, किशोर रविदास, राजेंद्र बर‌ई, दुर्गेश कुर्मी, शुक्कु कर्मकार समेत अन्य ने विचार व्यक्त किये।
इस दिन बैठक में विभिन्न मुद्दों पर प्रकाश डालते हुए कुछ प्रस्तावों को स्वीकार किया गया जिसमें सबसे पहले: राज्य सरकार की चाय समुदाय के युवाओं के लिए सरकारी नौकरियों में आरक्षण और चाय समुदाय के लोगों के लिए विभिन्न विकासात्मक परियोजनाओं की मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत विश्व शर्मा के प्रति आभार और धन्यवाद व्यक्त करने के लिए यूनियन की ओर से एक प्रस्ताव स्वीकार किया गया।
दूसरा प्रस्ताव यह कि कुछ दिन पहले सांसद सुष्मिता देव यूनियन के अध्यक्ष तथा सांसद कृपानाथ मलाह को कठोर शब्द कहे जाने पर भी संघ ने बैठक के माध्यम से अपना गुस्सा जाहिर जाहिर करते हुए सुष्मिता देव के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया । साथ ही बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भविष्य में अगर वह बराक की किसी लोकसभा सीट से उम्मीदवार होती हैं तो सांसद सुष्मिता देव को किसी भी चाय बागान क्षेत्र में बैठक करने का मौका नहीं दिया जाएगा और उन्हें काले झंडे दिखाए जाएंगे।
तीसरा: यह देखा गया है कि कई चाय बागानों की जमीनों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। उस जमीन को अतिक्रमण से मुक्त करवाने के लिए एवं पुनः चाय समुदाय के लोगों के बीच वितरण के लिए सरकार से मांग किया जायेगा।
चौथा: लंबे समय तक बराक के चाय-समुदाय की जाति सूची में संशोधन का कोई कार्य नहीं किया गया। इसलिए यूनियन इस मुद्दे पर भी सरकार से अपील करेगा.
पांचवां: बैठक में इस बात की गहरी चर्चा थी कि बराक के चाय समुदाय के प्रतिनिधित्व को राजनीतिक रूप से कम करने की साजिश रची जा रही है। बैठक में मांग की गई कि बराक के दो लोकसभा क्षेत्रों में से एक में चाय समुदाय के प्रतिनिधित्व सुरक्षित की जानी चाहिए। बराकघाटी में  विधानसभा के 13 निर्वाचन क्षेत्रों में से 6 पर चाय समुदाय के उम्मीदवारों को मौका दिया जाना चाहिए। आगामी ग्राम पंचायत चुनाव में जनसंख्या के अनुपात में चाय समुदाय को प्रतिनिधित्व दिया जाये.
 इसके अलावा बैठक में चाय श्रमिकों के लिए “चाय श्रमिक कल्याण कोष” का गठन किया जाए, जो संघ की देखरेख में रहेगा। चाय समुदाय के लोगों की सुविधाओं के लिए विभिन्न समितियों का गठन, बागान पंचायत का गठन सहित विभिन्न प्रस्तावों पर यूनियन सरकार से बात करेगी।
बताया जा रहा है कि उक्त सभी मुद्दों पर मुख्यमंत्री को विस्तार से जानकारी देकर समस्या का समाधान करने के लिए यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द ही दिशपुर रवाना होगा।

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