फॉलो करें

बौद्धिक विकास के बिना कोई भी व्यक्ति समाज उन्नति नहीं कर सकता-मदन सुमित्रा सिंघल

11 Views

हर चीज अभ्यास एवं त्याग तपस्या से मिलती है इसी तरह बौद्धिक विकास भी धीरे धीरे अध्ययन एवं एक अच्छे श्रोता को तब मिलता है जब वो संत महात्माओं राजनेताओं कथा वाचकों एवं अन्य वक्ताओं के संबोधन ध्यान से सुनकर एक एक शब्दों को चुनकर माला बनाने के बाद श्रोताओं को संक्षिप्त सारगर्भित एवं सही तथ्यों के साथ अपनी बात रखता है तो यदि दमदार व्यक्तव्य हो तो विषय भले ही कमजोर हो लेकिन रुचि लेकर फिर सुनने जाते हैं। देश में स्वर्गीय इंदिरा गाँधी अटल बिहारी वाजपेयी चंद्रशेखर सुषमा स्वराज स्मृति ईरानी नरेंद्र मोदी सहित अन्य राजनीतिक दलों के भी ऐसे नेताओं के भाषण सुनकर लोग प्रभावित होते आये है।  बोलने का अंदाज यदि कोई भी भाषा में हो तो जनता आकर्षित होती है। बोलना उतना ही चाहिए जितना आवश्यक एवं महत्वपूर्ण होता है। जिस समाज में अच्छे वक्ता हो अपने भाषण को रोमांटिक अंदाज़ एवं शेरों शायरी एवं काव्य की पंक्तियों के साथ जहाँ जरुरी हो वहाँ मार्मिक ओर जहाँ विषयगत आवश्यक हो रोबदार शब्दों में प्रस्तुत करना चाहिए। काग़ज़ पर लिखकर लाने में कोई बुराई नहीं है वो ठीक से ऐसे जनता के सामने रखना चाहिए कि लोग प्रभावित हो। बिना वाकपटूता के व्यक्ति एवं समाज भले ही आर्थिक रूप से संपन्न हो लेकिन बौद्धिक के बिना गुंगा माना जाता है। किसी भी कार्यक्रम का संचालन बहुत ही मर्यादित ढंग से तथा पहले से जानकारी इकट्ठा करके ही किया जाना चाहिए बीच बीच मे कुछ सुझाव देने लोग आते हैं वो कभी कभी महत्वपूर्ण भी हो सकतें है बिना विचलित हुए शामिल कर लेना चाहिए लेकिन कार्यक्रम की गति में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए।

मदन सुमित्रा सिंघल
पत्रकार एवं साहित्यकार
शिलचर असम
मो 9435073653

Share this post:

Leave a Comment

खबरें और भी हैं...

लाइव क्रिकट स्कोर

कोरोना अपडेट

Weather Data Source: Wetter Indien 7 tage

राशिफल