सीएम ने छात्रसंघों के साथ की बैठक

एचएसएलसी और एचएस परीक्षा के वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति पर चर्चा -सरकारी अधिसूचना के खंड पांच को हटाने का लिया गया निर्णय

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सीएम ने छात्रसंघों के साथ की बैठक
गुवाहाटी, 08 जुलाई (हि.स.)। हाईस्कूल (एचएसएलसी) और इंटरमीडिएट (एचएस) की रद्द की गयी परीक्षाओं के मूल्यांकन पद्धति पर चर्चा करने के लिए मुख्यमंत्री डॉ हिमंत बिस्व सरमा ने गुरुवार को छात्र संगठन अखिल असम छात्र संघ (आसू), ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (आब्सू) और असम जातीयतावादी युवा छात्र परिषद (अजायुछाप) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। कोरोना महामारी की स्थिति के कारण 2021 के लिए एचएसएलसी और एचएस की परीक्षाओं को रद्द करने के मद्देनजर आवश्यक मूल्यांकन की वैकल्पिक पद्धति के बारे में जनता भवन (असम सचिवालय) में हुई बैठक में शिक्षा मंत्री डॉ रानोज पेगू, वित्त मंत्री अजंता नेउग और हथकरघा एवं कपड़ा मंत्री यूजी ब्रह्म भी शामिल हुए।
विस्तृत चर्चा के बाद वैकल्पिक मूल्यांकन पद्धति के संबंध में सहमति बनी। लिए गए निर्णय के अनुसार विशेषज्ञ समिति की रिपोर्ट के आधार पर वैकल्पिक मूल्यांकन फार्मूले के संबंध में जारी सरकारी अधिसूचना के खंड पांच को हटा दिया जाएगा। इसके अलावा प्रदान किए गए प्रमाण पत्र और मार्कशीट उच्च शिक्षा और नौकरियों आदि के लिए आवेदन करने के लिए मान्य होंगे। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि आवश्यक समझा गया तो स्कूलों और कॉलेजों में शिक्षकों की भर्ती के लिए समकक्ष परीक्षा आयोजित की जा सकती है। यह सेबा, एएचएसईसी और अन्य बोर्डों और शिक्षा परिषदों के सभी छात्रों के लिए लागू होगा।
इसके अलावा यह भी निर्णय लिया गया कि नए फॉर्मूले के तहत एचएसएलसी और एचएस परीक्षा में कोई रैंक धारक प्रणाली नहीं होगी और केवल डिस्टिंक्शन और स्टार अंक दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब से नौवीं कक्षा की परीक्षा सेबा के तहत आयोजित करने के निर्देश दिए। जिला शिक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली परीक्षा में जिला के सभी स्कूलों के लिए समान प्रश्न पत्र होंगे। उन्होंने एसईबीए के साथ परीक्षा परिणाम और परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के डेटा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
चर्चा में भाग लेते हुए आसू, आब्सू और अजायुछाप के प्रतिनिधियों ने छात्रों के भविष्य से संबंधित एक महत्वपूर्ण मुद्दे पका समाधान तलाशने के लिए मुख्यमंत्री के कदम की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि मुख्यमंत्री आने वाले दिनों में सभी के समन्वित प्रयासों से राज्य की शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाएंगे।
इस बैठक में आसू के मुख्य सलाहकार डॉ समुज्जल कुमार भट्टाचार्य, सलाहकार प्रकाश दास, अध्यक्ष दीपंका कुमार नाथ, महासचिव शंकरज्योति बरुआ, आब्सू के अध्यक्ष दीपेन बोडो, अजायुछाप के अध्यक्ष राणा प्रताप बरुवा और महासचिव पलाश चांगमाई के साथ अन्य लोगों ने भाग लिया। बैठक में शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव बी कल्याण चक्रवर्ती, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव समीर कुमार सिन्हा, शिक्षा विभाग के विशेष आयुक्त प्रीतम सैकिया, सेबा के अध्यक्ष आरसी जैन और एएचएसईसी के अध्यक्ष रुक्मा गोहाईं बरुवा भी बैठक में मौजूद थे।

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