महाराष्ट्र पंचायत चुनाव: भाजपा सबसे आगे, अब तक 451, शिवसेना की 425 सीटों पर बढ़त

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महाराष्ट्र पंचायत चुनाव: भाजपा सबसे आगे, अब तक 451, शिवसेना की 425 सीटों पर बढ़त

मुंबई. महाराष्ट्र की 14,234 ग्राम पंचायतों पर मतगणना जारी है. भाजपा और शिवसेना के बी टी-20 जैसा रोमांच देखने को मिल रहा है. शुरू से शिवसेना आगे थी, अब पहली बार भाजपा आगे है. अब तक रुझानों के मुताबिक, शिवसेना 425 सीट पर आगे चल रही है तो भाजपा के प्रत्याशी 451 सीटों पर आगे है. एनसीपी के खाते में 300, तो कांग्रेस को 320 सीट मिलती दिख रही है. 5 सीट पर मनसे के उम्मीदवार आगे हैं. पहला परिणाम हतनकंगल ग्राम पंचायत से आया है. यहां जनलीक्षा पार्टी ने पडली ग्राम पंचायत पर झंडा फहराया है.

जनसुरक्षा पार्टी के विनय कोरे ने जीत हासिल की है. बीते शुक्रवार को 12,711 ग्राम पंचायतों पर मतदान हुआ था. शेष सीटों पर प्रत्याशी निर्विरोध विजयी हुए हैं.

कल्याण की खोनी ग्राम पंचायत में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को महा विकास अघडी ने हराया. महाविकास अघाड़ी -6, मनसे- 3, भाजपा – 2, कोल्हापुर से चंद्रकांत पाटिल (भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष) के गढ़ खानपुर में 9 सीटें हैं. उनमें से 3 शिवसेना ने जीती है. नासिक की सैय्यद पिंपरी ग्राम पंचायत में 17 सीटों में से छह के लिए परिणाम घोषित किए गए हैं. सभी छह सीटों पर कांग्रेस की ग्राम सभा का पैनल विजयी रहा.

हाइवे बाजार नगर तहसील में पोपटराव बागुजी पवार 7-0 से आगे हैं. पोपटराव महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले की एक ग्राम पंचायत हाईवेयर बाजार के किसान सरपंच हैं. कोल्हापुर ग्राम पंचायत बेगवाडे में शिवसेना-कांग्रेस एक साथ, राकांपा पीछे.

राकांपा को उखाड़ फेंका गया. वहीं रत्नागिरी जिले में मतों की गिनती शीघ्र ही शुरू होगी. केंद्र के बाहर पर्याप्त पुलिस सुरक्षा.

सोलापुर – दक्षिण सोलापुर तालुका के गुंजेगाँव में राकांपा की धुलाई. 6 सीटें स्थानीय परिवर्तन के मोर्चे से जीती. तीन सीटों पर फैसला होना बाकी है.

उल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार को महाराष्ट्र के 34 जिलों की इन 12,711 ग्राम पंचायतों पर 79 फीसदी वोटिंग हुई थी. इससे पहले पिछले साल 11 दिसंबर को प्रदेश की 14,234 ग्राम पंचायतों पर चुनाव की घोषणा की गई थी, लेकिन कुछ स्थानीय निकायों में निर्विरोध उम्मीदवार चुन लिए गए थे.

माना जा रहा है कि 2 बजे तक पूरा रिजल्ट घोषित हो सकता है. सभी की नजर महाविकास अघाड़ी और भाजपा पर है. इसे उद्धव ठाकरे का पहला बड़ा टेस्ट माना जा रहा है. उद्धव ठाकरे ने करीब 15 माह पहले राकांपा और कांग्रेस की मदद से मुख्यमंत्री का पद ग्रहण किया था. सभी प्रमुख दलों के अलावा स्थानीय दलों और निर्दलियों ने भी इन चुनावों में किस्मत आजमाई है.

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